
बस्ती: लेखपाल का ‘रिश्वत तंत्र’, वरासत के लिए वसूले 5000, अब और रुपयों के लिए दे रहा जेल भेजने की धमकी
गणेशपुर का लेखपाल बना 'भ्रष्टाचार का पर्याय': वरासत के नाम पर किसान से वसूली, गरीबों को ठगने का सनसनीखेज आरोप; बस्ती में दबंग लेखपाल की खुली मनमानी: काम के नाम पर घूसखोरी और धमकी का पीड़ित किसान ने खोला काला चिट्ठा
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती: भ्रष्टाचार का गढ़ बना गणेशपुर? लेखपाल के ‘खेल’ से किसान परेशान, वरासत के नाम पर वसूली और धमकाने का सनसनीखेज मामला
- गरीबों का शोषण: वरासत के नाम पर किसान से ₹5000 ऐंठे, अब और पैसों के लिए बना रहा दबाव, जिलाधिकारी से न्याय की गुहार
- जनसुनवाई में दर्ज हुआ लेखपाल का ‘काला कारनामा’: वरासत न करने और रिश्वत मांगने पर किसान ने खोला मोर्चा
बस्ती: जनपद की तहसील सदर अंतर्गत ग्राम गणेशपुर में तैनात लेखपाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। एक तरफ जहां सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर तहसील स्तर पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी किस तरह आम जनता का शोषण कर रहे हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण गणेशपुर के किसान रामजीत की आपबीती है।
रिश्वत के बाद भी काम लटका, फिर की जा रही है 5000 की और मांग
पीड़ित किसान रामजीत पुत्र झिनकन ने जिलाधिकारी को प्रेषित शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी जमीन की वरासत (दाखिल-खारिज) करानी थी। इस सरकारी प्रक्रिया के नाम पर लेखपाल हरीसिंह ने उनसे ₹5000 की रिश्वत ली। किसान का आरोप है कि रुपये देने के बाद भी लेखपाल ने महीनों तक फाइल को लटकाए रखा और अब काम पूरा करने के एवज में ₹5000 की और मांग कर रहे हैं।

‘जेल भिजवाने’ की धमकी से सहमा किसान
रामजीत का कहना है कि जब उन्होंने लेखपाल से पूर्व में दिए गए रुपयों का हवाला देते हुए और पैसे देने में असमर्थता जताई, तो लेखपाल का व्यवहार अत्यंत आक्रामक हो गया। पीड़ित के अनुसार, लेखपाल न केवल अभद्र व्यवहार कर रहे हैं, बल्कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी भी दे रहे हैं। इस डर के कारण पीड़ित किसान न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
आवास दिलाने के नाम पर भी बड़ा ‘स्कैम’ होने का दावा
शिकायतकर्ता ने लेखपाल के खिलाफ केवल एक मामले तक सीमित न रहकर एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि लेखपाल हरीसिंह अपने कुछ खास लोगों के साथ मिलकर नगर पंचायत गणेशपुर के गरीब और अनपढ़ लोगों को पीएम आवास दिलाने का झांसा देते हैं। उनसे लाखों रुपयों की अवैध वसूली की जाती है और उन्हें ठगकर छोड़ दिया जाता है। पीड़ित का साफ कहना है कि लेखपाल का कार्यक्षेत्र में रसूख इतना है कि वे खुलेआम गरीबों का शोषण कर रहे हैं।
पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत
अपनी और अन्य ग्रामीणों की पीड़ा को देखते हुए, पीड़ित रामजीत ने उत्तर प्रदेश सरकार के ‘जनसुनवाई’ (IGRS) पोर्टल पर भी 08 जून 2026 को अपनी शिकायत दर्ज कराई है (संदर्भ संख्या: 40018526023748)। पीड़ित ने मांग की है कि:
- लेखपाल हरीसिंह को तत्काल प्रभाव से गणेशपुर क्षेत्र से हटाया जाए।
- इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की जाए।
- गरीब जनता से की गई अवैध वसूली के लिए लेखपाल और उनके सहयोगियों के खिलाफ कानूनी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए।
ग्रामीणों में आक्रोश
इस मामले ने क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि यदि एक किसान को अपने हक की वरासत के लिए बार-बार रिश्वत देनी पड़ेगी, तो आखिर आम आदमी जाए तो कहाँ जाए? अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस भ्रष्ट लेखपाल पर कोई ठोस कार्रवाई होगी या मामला हमेशा की तरह फाइलों में दफन हो जाएगा।
















